कांग्रेस को चार, भाजपा को एक पंचायत समिति में बहुमत, दो पर निर्दलीय भारी
अलवर. पंचायती राज चुनाव के नतीजे शुक्रवार को मतगणना के बाद घोषित किए गए। बाबूशोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में सुबह 9 बजे पंचायत समिति सदस्य के चुनाव की मतगणना शुरू हुई और दोपहर करीब दो बजे तक नतीजे घोषित किए गए, जिसमें चार पंचायत समितियों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला, वहीं भाजपा को एक पंचायत समिति में पूर्ण बहुमत मिला। दो पंचायत समितियों में निर्दलीयों का दबदबा रहा। नीमराणा पंचायत समिति में निर्दलीयों ने दोनों प्रमुख पार्टियों को पछाड़ते हुए 19 में 11 सीटें हासिल की। वहीं लक्ष्मणगढ़ में निर्दलीय बहुमत के नजदीक पहुंच गए, यहां कुल 21 वार्डों में से निर्दलीयों के खाते में 10 वार्ड गए हैं।
कांग्रेस भाजपा में कांटे की रही टक्कर
पंचायत समिति सदस्यों में कांग्रेस व भाजपा के बीच कांटे की टक्कर रही। हालांकि कांग्रेस को चुनाव नतीजों में चार पंचायत समितियों में पूर्ण बहुमत मिल गया, लेकिन पंचायत समिति सदस्य की अधिकता के मामले में भाजपा 7 पंचायत समितियों में कांग्रेस से आगे रही है। वहीं कांग्रेस दो पंचायत समितियों में भाजपा से मजबूत स्थिति में हैं। लक्ष्मणगढ़ में भी वह निर्दलीयों के सहयोग से प्रधान बनवाने के नजदीक है। हालांकि सात में से छह पंचायत समितियों में भाजपा को अपना प्रधान बनाने के लिए एक से तीन निर्दलीयों की जरूरत है, वहीं नीमराणा पंचायत समिति में भाजपा कांग्रेस से आगे तो है, लेकिन उसे अपना प्रधान बनाने के लिए चार निर्दलीयों के सहारे की जरूरत होगी।
निर्दलीयों ने बिगाड़ा कांग्रेस व भाजपा का गणित
पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों ने कांग्रेस व भाजपा का गणित बिगाड़ दिया है। चुने गए पंचायत समिति सदस्यों में करीब एक चौथाई 97 निर्दलीय सदस्य हैं। निर्दलीयों की संख्या ज्यादा रहने से ज्यादातार पंचायत समितियों में कांग्रेस व भाजपा बहुमत के नजदीक पहुंच कर भी पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई है और उन्हें अपने प्रधान निर्वाचित कराने के लिए निर्दलीय प्रत्याशियों पर निर्भर होना पड़ा है।
भाजपा उत्तर जिले में रही बेहतर व दक्षिण में पिछड़ी
भाजपा का पंचायत समिति चुनाव में उत्तर जिले में बेहतर प्रदर्शन रहा। भाजपा के उत्तर जिले की सात पंचायत समितियों में वह 6 पंचायत समितियों में बेहतर प्रदर्शन कर पाई। इसमें मुण्डावर में भाजपा को पूर्ण बहुमत भी मिला। वहीं भाजपा के दक्षिण जिले की 9 पंचायत समितियों में वह तीन में ही कांग्रेस पर बढ़त बनाने में कामयाब हो पाई।
चुनाव परिणाम के साथ ही जोड़ तोड़ का गणित शुरू
पंचायत समिति सदस्य चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ ही पंचायत समिति क्षेत्रों में प्रधान पद के लिए जोड़ तोड़ का गणित बिठाने का कार्य शुरू हो गया। जिले की 11 पंचायत समितियों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है और प्रधान पद के चुनाव का भविष्य निर्दलीयों पर टिका है। इस कारण कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दलों के चुनाव रणनीतिकार अधिकाधिक निर्दलीयों से जोड़ तोड़ बिठाने में जुट गए हैं।
बाड़ाबंदी का खेल हुआ तेज
पंचायत समिति सदस्य चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद बाड़ाबंदी का खेल तेज हो गया है। ज्यादातर निर्वाचित सदस्य किसी न किसी दल की बाड़ाबंदी में पहुंच चुके हैं। जिन पंचायत समितियों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत मिला है, वहां भी बाड़ाबंदी का खेल शुरू हो गया है।
पंचायत समिति सदस्य चुनाव का गणित
पंचायत समिति कुल वार्ड भाजपा कांग्रेस बसपा व निर्दलीय
रामगढ़ 31 7 18 6
लक्ष्मणगढ़ 21 3 8 10
तिजारा 21 9 4 8
गोविंदगढ़ 21 9 6 6
राजगढ़ 17 8 6 3
मालाखेड़ा 25 6 12 7
कोटकासिम 15 6 5 4
मुण्डावर 25 14 8 3
बहरोड़ 19 9 2 8
थानागाजी 19 7 10 2
किशनगढ़बास 27 7 14 6
रैणी 17 2 8 7
नीमराणा 19 6 2 11
कठूमर 25 10 9 6
बानसूर 23 10 6 7
उमरैण 27 7 16 3 वार्ड 15 रिक्त
योग 352 120 134 97
source https://www.patrika.com/alwar-news/alwar-letest-election-news-7149089/
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