पिस्टल से फायर कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपी तीन घंटे में गिरफ्तार

अलवर. किशनगढ़बास थाना पुलिस ने गुरुवार रात किशनगढ़बास चिकित्सालय के पास फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपियों को मात्र 3 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं एक अवैध पिस्टल मय जिन्दा कारतूस बरामद किए हैं।
थानाधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि गुरुवा रात्रि करीब 1.30 बजे थाने पर सूचना प्राप्त हुई की सरकारी अस्पताल के पास चाय की थड़ी पर दो अज्ञात बदमाश दुकानदार के साथ मारपीट कर जान से मारने की नियत से पिस्टल से फायर कर मोटरसाइकिल से तिजारा की ओर भागे हैं। सूचना पुलिस ने करीब 10 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान किशनगढ़बास थानापुलिस टीम ने 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 25 किलोमीटर लगातार पीछा कर आरोपी अशोक कुमार पुत्र राधेश्याम गुर्जर व अमित पुत्र प्रकाश गुर्जर निवासी कांकरा थाना किशनगढ़बास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आम्र्स एक्ट आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । इस संबंध में कृष्ण कुमार पुत्र सिब्बल मेघवाल निवासी बहादरपुर ने थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया कि उसकी सरकारी हॉस्पिटल किशनगढ़बास के पास चाय की ठेली है जिसे वह 24 घंटे खोलकर रखता है। गुरुवा रात करीब डेढ़ बजे उसका ***** जॉनी चाय बना रहा था और में पास में ही लेटा हुआ था। तभी खैरथल की तरफ से अमित गुर्जर तथा अशोक गुर्जर मोटरसाइकिल से आए उन्होंने 20 रुपए का गुटखा लिया। जॉनी ने पैसे मांगे तो देने से इनकार कर दिया। जब मैंने पैसे देने के लिए कहा तो उन्होंने जॉनी के साथ थप्पड़ लातों से मारपीट करना शुरू कर दिया तथा जॉनी की कनपटी पर अशोक नें पिस्टल तान ली तथा दोनों जातिसूचक गालियां देने लगे। मैंने शोर मचाना शुरू किया तो दोनों मोटरसाइकिल पर बैठ गए तथा अशोक नं जान से मारने की नियत से जॉनी की तरफ पिस्टल से फायर कर दिया, जॉनी नीचे झुक गया जिससे उसकी जान बच गई।



source https://www.patrika.com/alwar-news/two-accused-who-spread-panic-by-firing-pistol-arrested-in-three-hours-7073652/

Comments

Popular posts from this blog

अलवर में 19 वर्षीय युवती का अपहरण कर सात जनों ने बलात्कार किया, 10 दिनों में बलात्कार के आठ मामले सामने आए

राजस्थान पत्रिका की निःशुल्क भोजन योजना को बताया पूरे प्रदेश में अव्वल, कोरोना पीड़ित और जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे भोजन

कभी इनके नाम पर बजती थी तालियां, आज गुमनाम जिंदगी जी रहे कलाकार रिक्शा चलाने और कबाड़ी बनने को मजबूर हैं यह कलाकार