रुकमीना ने जगाई शिक्षा की अलख, गांव की पहली बालिका जिसने ग्रेजुएशन किया, अब चला रही खुद का ई-मित्र
अलवर. अलवर जिले के मेवात में बेटियों को जरुरत के अनुसार ही पढ़ाया लिखा जाता है। इनका जीवन घर के काम- काज तक ही सिमटा हुआ है। समय से पहले बेटियों को शादी कर पराया कर दिया जाता है। रूकमीना ने अपने जिद के चलते अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाकर गांव की बेटियों के लिए शिक्षा के रास्ते खोल दिए हैं।
अलवर जिले के किशनगढ़ बास के बीदरका गांव की रुकमीना ने कभी नहीं सोचा था कि वह अपने मजबूत इरादे के चलते अपनी शिक्षा पूरी करेंगी। आज वह इस क्षेत्र में बीए करने वाली गांव की पहली बालिका बन चुकी है। अपने पैरों पर खड़ी होकर ई-मित्र चलाने वाली इस क्षेत्र की पहली बेटी बन गई है।
लेकिन अब रुकमीना ने गांव की सोच को बदल दिया है। इनके पढऩे के बाद गांव की बेटियां शिक्षा के लिए घर से बाहर निकलने लगी है । उसने बताया कि वह सात बहन भाई है और वह पांचवें नंबर पर है । उनकी बाकी बहनों की शादी हो चुकी है । घर के सभी सदस्य चाहते थे कि उसकी शादी हो जाए और वह ससुराल चली जाए लेकिन उसके पिता असगर हुसैन चाहते थे कि उनकी बेटी पर है और आगे बढ़े ।
इसके लिए उसके पिता को गांव समाज और परिवार के विरोध का सामना भी करना पड़ा लेकिन पिता के मजबूत इरादों के चलते किसी की एक न चली। 12वीं के बाद उसने किशनगढ़ बास में कॉलेज में एडमिशन लिया और अपनी शिक्षा को पूरा किया। इसके बाद गांव में ई-मित्र चलाना शुरु कर दिया आज गांव की लड़कियां ईमित्र पर आती है और उनके काम भी करवाती है।
मेवात क्षेत्र में ई-मित्र चलाने वाली रूकमीना गांव की पहली बेटी है। उसकी इसी पहल को किशनगढ़ बास एसडीएम ने सराहा और उन्हें प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।
source https://www.patrika.com/alwar-news/rukmina-first-graduate-girl-of-her-village-in-mewat-area-of-rajasthan-6715162/
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