कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर को लेकर हुआ यह बड़ा खुलासा, इस गलती के कारण पकड़ा गया फरार पपला

अलवर. शातिर गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर ने बहरोड़ थाने से फरारी के बाद से मोबाइल नहीं रख रहा था। जैसे ही उसने अपना मोबाइल चालू किया तो वह राजस्थान पुलिस के रडार पर आ गया और मात्र दस दिन के ऑपरेशन में ही पुलिस ने पपला को धरदबोचा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों पुलिस ने पपला गुर्जर के साथी बदमाशों को भारी पुलिस सुरक्षा में बहरोड़ कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान पुलिस को पपला के मोबाइल चालू करने के बारे में पुख्ता सुराग हाथ लगे। इसके बाद पुलिस ने पपला की धरपकड़ के लिए सरगर्मी से प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस को पपला के महाराष्ट्र के कोल्हापुर में नाम बदलकर महिला मित्र के साथ रहने की सूचना लगी। इसके बाद अलवर और जयपुर साइक्लोन सैल के माध्यम से पुलिस पपला तक पहुंचने में सफल रही। पपला कोल्हापुर में नाम बदलकर रह रहा था। उसके पास से उधम नाम से फर्जी आधार कार्ड भी मिला है।

कुछ दिन पहले ही चालू किया था मोबाइल

पुलिस सूत्रों के अनुसार पपला गुर्जर कोल्हापुर में जिम ज्वाइन कर लिया। वहां पपला की जिम संचालक महिला से दोस्ती हो गई। पपला की ऐशो आराम को देख महिला भी उसकी तरफ आकर्षित हो गई। जिसके चलते पपला ने कुछ दिन पहले ही मोबाइल चालू कर लिया और वह उस महिला मित्र से बातचीत भी करता था। मोबाइल नम्बर के आधार पर पुलिस जिम संचालक महिला तक पहुंची और फिर पपला तक।

ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों के मोबाइल बंद कराए

ऑपरेशन पपला में अलवर के अरावली विहार थानाधिकारी जहीर अब्बास, भिवाड़ी के उप निरीक्षक सुनील जांगिड व मुकेश वर्मा सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी अधिकारी व पुलिस करीब दस दिन से इस ऑपरेशन में जुटे हुए थे। ऑपरेशन के दौरान सभी पुलिस अधिकारियों के मोबाइल बंद करा दिए गए। पपला की गिरफ्तारी के बाद तक पुलिस कर्मियों के मोबाइल बंद रहे।



source https://www.patrika.com/alwar-news/gangster-papla-gurjar-switch-on-mobile-and-police-arrest-him-6662235/

Comments

Popular posts from this blog

अलवर में 19 वर्षीय युवती का अपहरण कर सात जनों ने बलात्कार किया, 10 दिनों में बलात्कार के आठ मामले सामने आए

राजस्थान पत्रिका की निःशुल्क भोजन योजना को बताया पूरे प्रदेश में अव्वल, कोरोना पीड़ित और जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे भोजन

कभी इनके नाम पर बजती थी तालियां, आज गुमनाम जिंदगी जी रहे कलाकार रिक्शा चलाने और कबाड़ी बनने को मजबूर हैं यह कलाकार