कोरोना का इलाज फेफड़ों के सिटी स्कैन और एक्स-रे के सहारे, रिपोर्ट सही मिलने पर बेफिक्र घूम रहे लोग

अलवर. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से जांच की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और डिस्पेंसरी स्तर तक करने के बावजूद अलवर जिले में इसका इलाज सीटी स्केन और एक्सरे के सहारे किया जा रहा है। अलवर जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन 150 सिटी स्केन और 400 एक्सरे यह पता लगाने के लिए होते हैं कि कोरोना का संक्रमण कितना है। बहुत से लोग सरकारी जांच के बाद घर के बाहर लगने वाले पोस्टर व औपचारिकताओं के डर से सिटी स्केन व एक्सरे की जांच के सहारे ही कोरोना का इलाज करा रहे हैं।

अलवर जिला मुख्यालय पर पिछले काफी दिनों से सिटी स्केन और एक्सरे की संख्या बढ़ गई है। सिटी स्केन और एक्सरे में यह पता लगाया जाता है कि फेफड़े किस कदर कितने खराब है और उनका इलाज किस तरह किया जा सकता है। कोरोना का सबसे बड़ा असर ही फेफड़ों पर पड़ता है, इनमें संक्रमण का प्रतिशत अलग-अलग होता है। चिकित्सक सिटी स्केन की रिपोर्ट के आधार पर शरीर पर कोरोना के असर का पता लगा लेते हैं। इसके बाद ऐसे मरीजों को भर्ती होने की जरूरत होने पर गैर सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया जाता है या उनका घर में ही इलाज किया जाता है।

प्रशासन ने भी जताई चिंता-

जिला प्रशासन ने पिछले दिनों हुई बैठक में इस बात को लेकर चिंता जताई कि कुछ लोग सिटी स्केन व एक्सरे से कोरोना के लक्षण मिलने पर भी चिकित्सा विभाग व प्रशासन को इसकी सूचना नहीं देते हैं, जिसके कारण वे क्वारंटीन है या नहीं, इसकी भी पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसे मरीज यदि कोरोना के लक्षण होते हुए भी पूरी तरह कवारंटीन नहीं हो रहे हैं तो वे अन्य स्वस्थ्य लोगों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

सरकारी जांच कराएं और जागरुक नागरिक होने का संदेश दें-

इस बारे में मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. मीणा का कहना है कि सरकारी स्तर पर कोरोना की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को लक्षण होने पर जांच करवानी चाहिए। यदि सिटी स्केन से कोरोना का पता लगाया है तो भी जांच आवश्यक रूप से करवाएं। इसी प्रकार राजकीय सामान्य चिकित्सालय में चेस्ट फिजीशियन डॉ. विष्णु गोयल कहते हैं कि सरकारी स्तर पर होने वाली कोरोना जांच ही मान्य है। सिटी स्केन व एक्सरे से पूरी तरह पता नहीं लग सकता है कोरोना है या नहीं?



source https://www.patrika.com/alwar-news/people-depending-on-ct-scan-and-x-ray-of-lungs-in-covid-treatment-6537278/

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