बार्डर होम गार्ड की हत्या करने का आरोपी ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार

सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र के बणजारा का खोला श्यालुता (बलदेवगढ़) में बॉर्डर होम गार्ड के जवान की हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपाधीक्षक मनीष कुमार व टहला थाना प्रभारी सुनील टांक ने बताया कि बॉर्डर होम गार्ड के जवान केवल सिंह की हत्या करने के आरोपी ट्रैक्टर चालक लालाराम पुत्र कानाराम बणजारा निवासी बणजारा बस्ती नांगलदासा थाना टहला को बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में सरिस्का वन क्षेत्र चौकी बलदेवगढ़ के बॉर्डर होम गार्ड रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर) निवासी राजविन्द सिंह जट सिख ने टहला थाने में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि 26 जुलाई को सुबह करीब साढ़े छह बजे वह और उसका साथी केवल सिंह पुत्र सुरजीत सिंह पैदल गश्त पर थे। उसी समय कैमोरा के जंगलों में तीन ट्रैक्टर अवैध खनन कर पत्थर लेकर जा रहे थे। दो चालक ट्रैक्टर भगा कर ले जाने में सफल हो गए एवं तीसरे ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया तो ट्रैक्टर चालक ने जान से मारने की नियत से केवल सिंह के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। गम्भीर रूप से घायल केवल सिंह को उपचार के लिए दौसा ले जाते समय रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने धारा 323, 332, 353, 379, 307 व 302 में मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया।

टीम ने किए प्रयास
प्रकरण की घटना में बॉर्डर होम गार्ड के जवान की ट्रैक्टर चालक द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचलकर हत्या करने तथा मौके पर ट्रैक्टर ट्रॉली को छोडकऱ भाग गया। इस पर टीम ने नांगलदासा बणजारा बस्ती में सूचना संकलित कर मुखबिर के माध्यम से ट्रैक्टर चालक का नाम व पता लगाया। इस पर आरोपी चालक की तलाश की गई तथा सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी गई। बणजारा समुदाय के डेरों में सादा वस्त्रों में टीम के सदस्य तैनात कर सूचना प्राप्त कर आरोपी चालक को भानगढ़ के पास बणजारा डेरा के पीछे पहाड़ी को चारों तरफ से घेर कर सर्च अभियान चलाकर दस्तयाब किया।



source https://www.patrika.com/alwar-news/sariska-letest-news-6303028/

Comments

Popular posts from this blog

अलवर में 19 वर्षीय युवती का अपहरण कर सात जनों ने बलात्कार किया, 10 दिनों में बलात्कार के आठ मामले सामने आए

राजस्थान पत्रिका की निःशुल्क भोजन योजना को बताया पूरे प्रदेश में अव्वल, कोरोना पीड़ित और जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे भोजन

कभी इनके नाम पर बजती थी तालियां, आज गुमनाम जिंदगी जी रहे कलाकार रिक्शा चलाने और कबाड़ी बनने को मजबूर हैं यह कलाकार